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टिपिकल बने रहना बॉलीवुड में बड़ा लॉस होता है। अगर कोई एक्टर या एक्ट्रेस जाने-अनजाने भी ऐसा करता है तो फिर उसको इसके भारी नुकसानों को भी उठाने के लिए तैयार रहना पड़ता है। लेकिन यहाँ तो बिल्कुल उल्टा ही है। बॉलीवुड के इस एक्टर ने मंगलवार को एक पत्रकारों के सम्मेलन में कहा कि उनको टिपिकल ही बने रहना अच्छा लगता है। एक्टर के इस बयान के बाद बॉलीवुड के पण्डितों की मानें तो शायद उनके इस बयान के पीछे उनके महान एक्टर पिता और बेहतरीन अदाकारा माँ की वजह रही है, जिनके रुतबे के सामने एक्टर को यह आम बात लगती है। ख़ैर एक्टर ने इस बात के अपने तर्क दिये हैं।
दरअसल, एक्टर सिकंदर खेर का कहना है कि उन्हें एक ही शैली में काम करने से कोई दिक्कत नहीं है, बल्कि इस वजह से तो उन्हें अधिक काम मिलेगा। सिकंदर 'मिलन टाकीज' और 'रोमियो अकबर वाल्टर' में नकारात्मक भूमिका निभाएंगे। इससे पहले वह 'तेरे बिन लादेन : डेड ऑर अलाइव' और टेलीविजन शो '24' में भी नकारात्मक भूमिका में दिख चुके हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें नहीं लगता कि लगातार नकारात्मक भूमिकाएं निभाने से वह एक ही छवि में बंध जाएंगे, सिकंदर ने इस पर पत्रकारों से कहा, "मुझे किसी भी तरह की छवि में ढाल दें..इस तरह मुझे अधिक काम मिलेगा।"
वर्ष 2008 में 'वुडस्टॉक विला' के साथ अभिनय करियर की शुरुआत के बाद सिकंदर ने वर्ष 2010 में 'खेलें हम जी जान से' में अभिनय किया, वर्ष 2012 में 'प्लेयर', वर्ष 2013 में 'औरंगजेब' और वर्ष 2016 में 'तेरे बिन लादेन 2' में काम किया।
फिल्मों के बीच लंबे अंतराल के बारे में सिकंदर ने कहा, "जीवन में कुछ भी स्थिर नहीं है, चीजें हमेशा बदलती रहती हैं। आप इसे एक अंतराल कहते हैं, मैं इसे जीवन कहता हूं।"
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