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मन में सोचना यूँ ही नहीं होता, इसका गहरा असर है। अक्सर लोगों का यह मानना है कि हमने कोई बात अपने मन तक ही सीमित कर रखी है और इसका किसी से क्या वास्ता। दरअसल, ऐसे लोग अपनी ज़िन्दगी के साथ धोका कर रहे हैं।
वास्तविकता तो ये है कि जीवन में हर पल आप मन की जिस भी स्थिति में रहते हैं, उसका आपके शरीर पर सीधा असर पढ़ता है। कई बार जब आप अपने मन के स्वभाव में नम्बे समय तक वैसे ही बने रहते हैं तो यह आपके लिए बीमारी का ख़तरा लेकर आता है। आज हम आपको मन के ऐसे ही भावों से परिचित कराएंगे और उसके प्रभावों के बारे में बतायें। इसके अलावा हम आपको यह भी जानकारी देंगे कि आख़िरर ऐसे परिणाम किस हार्मोन के कारण आते हैं।
ये रहे आपके मन के भाव...
चालाकी
इस स्थिति में व्यक्ति के मन के अंदर ही अंदर उसे केवल अपना ही लाभ दिखता है।
प्रभाव : थाइराइड, डायबिटीज, कैंसर, उच्च रक्तचाप, एलर्जी जैसी समस्या। हार्मोन : थाइरोक्सिन, इंसुलिन, एड्रीनोलिन का अल्प स्राव
घृणा, ईर्ष्या, जलन, बेईमानी, चिंता
इन भावों में इंसान दूसरे की सफलता-असफलता से अदिक प्रबावित होने लगता है। इन्हीं कारणों से उनको चिंता घेर लेती है।
प्रभाव : नपुंसकता, बाँझपन, शीघ्रस्खलन, चिड़चिड़ाइट, अनिद्रा, जिद्दी स्वभाव जैसी समस्या। हार्मोन : वेसोप्रेसिन, टेस्टोस्टेरान, एण्ड्रोजन, गोंडाट्रॉफिन, ऑक्सीटोसिन का अल्प स्राव
कंजूसी, आलस्य, प्रमाद
इस स्थिति में व्यक्क्ति दरिद्रता से रहने लगता है। वो कोई बी काम बेमन होकर करता है। किसी भी काम में उसका ढंग से मन नहीं लगता है।
प्रभाव : कब्ज, अल्सर, एसिडिटी, डिप्रेशन, हाथ-पैरों में दर्द, मोटापा। हार्मोन : हाइपोथेलेमस अक्रिय मिस्क्सीडिमा, मेलोनीन सेरोटोनिन का अल्प स्राव
अकड़, अहंकार
ऐसी स्थिति तब आती है जब इंसान में धीरज नहीं होता है। इस तरह से वह अपनी छोटी-छोटी बातों में अकड़ दिखाने लगता है।
प्रभाव : ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया, प्रोस्टेट, किडनी समस्या, मोटापा। हार्मोन : पेराथेमिन केलेटोनोमिन थायरोक्सिन, वेसोप्रेसिन ग्लूकोकार्टिको स्टेरॉइड का अल्प स्राव
निर्मल, साफ, स्वच्छ चित्त
किसी भी बात पर इंसान जब अपना मन साफ रखता है और बिना किसी ऊल-फिजूल का विचार किये हुए रहता है तो उसका मन निर्मल और चित्त साफ रहता है।
प्रभाव : गाढ़ी नींद, जोश, प्रसन्नता हार्मोन : पेराथोमिन केलेटोलोमिन, थाइरोक्सिन, वेसोप्रेसिन ग्लूकोकार्टिकोस्टेराइड का अल्प स्त्राव
हर स्थिति में खुशी ढूंढना, मदद, प्रेम
ऐसे व्यक्ति हर नकारात्मक स्थिति में सकारात्मक बने रहते हैं। उनको सबमें अच्छाइयाँ ही दिखती हैं। अहिंसक स्वभाव उनके भीतर जमा हो जाता है। वे प्रेम और शान्ति के अलावा कुछ नहीं सोचते हैं।
प्रभाव : आत्मविश्वास और जीवन शक्ति से भरा हुआ, लचीला शरीर , गाढ़ी नींद हार्मोन : एड्रीनोलिन, हाइपोथेलेमस सक्रिय, ओड्रेनिल रसायन का स्त्राव
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