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ज़रूरी नहीं की आप जिस भी व्यक्ती से मिलें वह अच्छा ही हो या फिर इस लायक हो की आप उसके हमदर्द बन सकें, या दोस्त बन सकें। उसके बाद आते हैं मेहमान, कुछ अच्छे होते हैं तो कुछ बेकार, एक वह होते जिनहें आप घर बुला कर खातिरदारी करना पसंद करते हैं और कुछ का साया भी आपको पसंद नहीं आता। किसी का व्यवहार आपको पसंद आता है, तो कुछ लोगों के बच्चे इतने शरारती होते हैं की बस नाक में दम करके रखते हैं।
तो आज हम आपको बताऐंगे की कौन से मेहमान हैं जिनहें आप कह सकते हैं अतिथि देवो भव: और किनहें नहीं।
पाखंडी- ऐसे लोगों को हमेशा घर बुलाने से बचें। ऐसे लोग ना सिर्फ नेगेटिव वाईब्स देते हैं बल्कि आपके सामने कुछ और होते हैं और आपके पिछे कुछ और तो अपने घर का वातावर्ण खराब करने से बहतर है की आप ऐसे लोगों से दूर रहें और अपने परीवार वालोम को भी दूर रखें।
खराब कर्म करने वाले- इस शब्द सेतात्पर्य शास्त्रों वालें कर्म। यह बात सच है की जैसी करनीं, वेसी भरनी, तो एसे लोगों को घर बुलाने से बचें चो अच्छे कर्म नहीं करते। क्योंकी ऐसे लोग गलत कर्म वाली वाईब्स लेकर आते हैं और अपने पीछे गलत चीज़े छोड़ जाते हैं।
दूसरों को बेवकूफ बनाने वाले- जो व्यक्ती दूसरों को बेवकूफ बनाते हैं उन लोगों का क्या भरोसा की कब आपके साथ कोई छल करदें और आपकी अच्छाई का गलत फाएदा उठा लें। तो ऐसे लोगों से दूर रहना ही बेहतर है।
दूसरों को दुःख पहुँचाने वाले- यह एक अजीब तरह के लोगों की श्रेणी में गिनें जाते हैं, जिनको दूसरों को दुख पहुँचा कर सुख मिलता है। ऐसे लोगों से बच कर रहने में ही बहतराई है। यह आपको कब दुख पहुँचा दें आप नहीं जानते हैं।
भगवान् में श्रद्धा न रखने वाले- जो लोग भगवान में श्रद्धा नहीं रखते हैं वह लोग किसी के सगे नहीं हो सकते हैं। भगवान पर श्रद्धा रखने वाले लोग हमेशा ही अच्छा व्यवहार रखते हैं जिससे किसी को परेशानी न हो। और अगर आपके आस पास ऐसे लोग हैं तो इनहें कहदें कि अतिथि नहीं देवो भव:
Author- Anida Saifi
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